एक क्लिक में 460 करोड़! योगी सरकार का ‘डायरेक्ट वार’ बिचौलियों पर

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश की सियासत में इस बार रंग गुलाल से नहीं, डिजिटल ट्रांजैक्शन से उड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति सीधे खातों में ट्रांसफर की। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 3500 परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

कुल मिलाकर 460 करोड़ रुपये एक बटन से किसानों तक पहुँचे। संदेश साफ था: बिचौलियों की छुट्टी, DBT की एंट्री।

‘डबल इंजन’ का डिजिटल दम

सीएम योगी ने हाल ही में पारित 2026-27 बजट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का फोकस युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों पर है। उन्होंने दावा किया कि अब लाभार्थियों को लाइन में नहीं लगना पड़ता, पैसा सीधे अकाउंट में पहुंचता है।

राजनीतिक भाषा में इसे ‘डबल इंजन’ का मॉडल कहा गया, और प्रशासनिक भाषा में Direct Benefit Transfer। फर्क बस इतना है कि पहले कागज़ दौड़ते थे, अब पैसा।

फसल बीमा से लेकर दुर्घटना सहायता तक

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सूखा और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत दी गई। वहीं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में अब सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य और बटाईदार भी कवर हैं। दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में 5 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है।

सीएम ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि 24 घंटे के भीतर राशि खातों में पहुँचनी चाहिए। प्रशासनिक मशीनरी के लिए यह स्पीड टेस्ट जैसा था।

नए कृषि केंद्र और स्मार्ट स्टूडियो

कार्यक्रम के दौरान बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालयों और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास हुआ। झांसी के मऊरानीपुर में 50 शैय्या छात्रावास और लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई की नींव रखी गई। संदेश स्पष्ट है, खेती अब सिर्फ खेत तक सीमित नहीं, डेटा और टेक्नोलॉजी भी इसका हिस्सा बन रहे हैं।

आपदा मित्रों को 5 लाख का बीमा कवर

राज्य सरकार ने प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ को तीन वर्ष तक 5 लाख रुपये का जीवन और चिकित्सा बीमा कवर देने की घोषणा की है। इसके लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू भी हुआ है।

25 जिलों में करीब 29,772 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट से लेकर फर्स्ट-एड बॉक्स तक 15 जरूरी उपकरण शामिल हैं। आपदा आने पर अब सिर्फ चेतावनी नहीं, तैयार टीम भी होगी।

पांच जिलों में डॉप्लर वेदर राडार

लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज भी लगाए जा चुके हैं।

मौसम अब सिर्फ आसमान देखकर नहीं, स्क्रीन देखकर भी समझा जाएगा।

होमगार्ड भर्ती में आपदा मित्र को प्राथमिकता

प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभी उनकी सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन भविष्य में उन्हें मानदेय भी मिलेगा। यह कदम युवाओं को आपदा प्रबंधन से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

होली का संदेश और सियासी संकेत

होली की शुभकामनाओं के साथ सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। राजनीति में संदेश अक्सर रंगों से भी ज्यादा चटक होते हैं। इस बार संदेश साफ था: राहत, बीमा और टेक्नोलॉजी के जरिए गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।

उत्तर प्रदेश में फिलहाल चर्चा यह है कि क्या यह मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण राजनीति की दिशा तय करेगा। पर इतना तय है कि इस बार होली पर कई किसानों के मोबाइल में ‘क्रेडिट अलर्ट’ की टनटनाहट जरूर गूंजी होगी।

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